महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग
महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग

सावन में भगवान शिव के मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। उज्जैन में स्थित महाकालेश्वर ज्योंतिर्लिंग में वैसे तो पूरे साल ही श्रद्धालुओं की भीड़ होती है लेकिन सावन के महीनें में इस मंदिर का खास महत्व है। महाकालेश्वर मंदिर 12 ज्योंतिर्लिंगों में से एक है। अगर आप सावन के महीनें में महाकाल मंदिर जाने की योजना बना रहे हैं तो यहां हम आपको इससे जुड़ी पूरी जानकारी दे रहे हैं।

सावन में जाएं उज्जैन महाकाल
सावन के दिनों में ज्यादा भीड़ होती है हिंदू पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक यह देश के सात मोक्ष प्राप्त करने वाले स्थानों में भी शामिल है। सावन के सोमवार में भगवान महाकाल के दर्शन को शुभ माना जाता है। सावन के महीने में यहां आम दिनो से ज्यादा भीड़ होती है इसलिए पहले से पूरी जानकारी प्राप्त करके चलें ताकि आपको आगे कोई परेशानी न हो। मंदिर में महाकाल के दर्शन के लिए किसी बुकिंग की जरूरत नहीं होती। लेकिन आपको भस्म आरती में जाना है तो उसके लिए पहले बुकिंग करानी होगी।

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भस्म आरती के लिए कराएं ऑनलाइन बुकिंग
उज्जैन के महाकाल मंदिर में भस्म आरती के लिए ऑनलाइन बुकिंग कराना सबसे अच्छा होता है क्योंकि इसमें आपको भस्म आरती में मौजूद रहने की सीधी परमिशन मिल जाती है। यह बुकिंग आप मंदिर की वेबसाइट से करवा सकते हैं इसके अलावा भस्म आरती की ऑफलाइन बुकिंग भी होती है जो मंदिर में स्थित टिकट काउंटर से होती है लेकिन यहां लाइन बहुत लंबी होती है और अंदर जाने के लिए सीमित लोगों को ही परमिशन मिलती है। अपने साथ अपना आईडी प्रूफ जरूर साथ लेकर चलें।

भस्म आरती की टाइमिंग
महाकाल मंदिर में भस्म आरती सुबह 4 बजे से 5 बजे तक होती है लेकिन श्रद्धालुओं को रात 1 बजे से ही लाइन में लगना होता है। अपने साथ भस्म आरती में ऑनलाइन या ऑफलाइन मिली परमिशन का प्रिंट आउट साथ रखें। भस्म आरती से पहले शिवलिंग पर जलाभिषेक होता है उसके बाद सबको एक बड़े हॉल में ले जाया जाता है जहां से भस्म आरती दिखाई देती है। भस्म आरती के लिए कोई ड्रेस कोड नहीं होता लेकिन जो लोग जलाभिषेक करना चाहते हैं उनके लिए खास ड्रेस कोड होता है जिसका ध्यान रखें। महिलाएं केवल साड़ी में जा सकती हैं और पुरुष के शरीर पर केवल धोती होती है। धोती मंदिर के बाहर किराए पर भी मिल जाती है।

कहां ठहरें
अगर आपको भस्म आरती देखनी है जिसके लिए रात को 1 बजे लाइन में लगना होता है तो आप मंदिर के पास ही किसी होटल में ठहर सकते हैं। जो आसानी से उपलब्ध है। मंदिर के पास काफी बजट होटल है जहां आपको 700-1500 रुपए रात में होटल किराए पर मिल जाएगा।

सावन में उज्जैन का मौसम
सावन के महीने में उज्जैन का मौसम अनुकूल होता है तापमान 30 डिग्री के आसपास बना रहता है। आप मौसम के हिसाब से अपने कपड़े लेकर चलें।

कैसे पहुंचे
महाकाल के दर्शन के लिए उज्जैन कैसे पहुंचे यह बड़ा सवाल है। उज्जैन यातायात के तीनो साधनों से ही पहुंचा जा सकता है

  • वायुमार्ग- उज्जैन में कोई एयरपोर्ट नहीं है इसका सबसे नजदीकी एयरपोर्ट इंदौर में है जो करीब 58 किलोमीटर है एयरपोर्ट के बाहर से आप टैक्सी या बस पकड़कर उज्जैन पहुंच सकते हैं इसमें करीब 1-1.15 घंटे का समय लगता है।
  • रेलमार्ग- उज्जैन लगभग देश के सभी बड़े शहरों से रेलमार्ग से जुड़ा है। उज्जैन तक दिल्ली, मुंबई और कोलकाता से सीधी ट्रेन सेवा उपलब्ध है।
  • सड़कमार्ग- उज्जैन में सड़को का अच्छा जाल बिछा है और यह देश के सभी प्रमुख शहरों से जुड़ा है। नैशनल हाइवे 48 और नैशनल हाइवे 52 इसे देश के प्रमुख शहरों से जोड़ते हैं।

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