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Kumbh 2019 का हिस्सा बनने प्रयागराज जा रहे हैं तो हम आपके लिए उन जगहों की लिस्ट लाए हैं, जहां आप अपनी इस कुंभ यात्रा के दौरान जा सकते हैं। दरअसल, प्रयागराज (पूर्व में इलाहाबाद) केवल एक ऐतिहासिक ही नहीं बल्कि पौराणिक शहर है। इसके पौराणिक महत्व के कारण ही यहां कुंभ का आयोजन होता है। इस शहर में कौन-कौन सी ऐतिहासिक जगहें हैं, जो आपके जेहन में इतिहास की यादें ताजा कर देंगी, यहां जानें…

हमने सबसे पहले अकबर के किले का नाम इसलिए लिया क्योंकि यह सुंदर किला संगम तट से सटा हुआ है। इस साल कुंभ के दौरान श्रद्धालुओं को उस अक्षयवट के दर्शन का अवसर प्राप्त हो रहा है, जो अकबर के किले में स्थित है। जानकारी के अनुसार यह किला 983 बीघा जमीन पर बना हुआ है। यह किला 4 भागों में बटा हुआ है।

अशोक स्तंभ
अकबर के किले के सामने की ओर सम्राट अशोक की याद में बना अशोक स्तंभ स्थित है। इस स्तंभ पर वो राजाज्ञाएं लिखी हुई हैं, जो उस समय सम्राट अशोक के काल में निर्धारित की गई थीं। इस स्तंभ को यहां 1838 में स्थापित किया गया था। सम्राट अशोक ने इस स्तंभ का निर्माण कौशांबी में कराया था।

भारद्वाज मुनि का आश्रम
प्रयागराज के कर्नलगंज एरिया में स्थित है भारद्वाज मुनि का आश्रम। वनवास जाते समय भगवान राम ने यहीं पर विश्राम किया था। प्राचीन समय में,जब वर्तमान संगम तट का बांध नहीं बना था, तब गंगा-यमुना का संगम यहीं हुआ करता था।

चंद्रशेखर आजाद पार्क
आजादी के पुरोधा वीर चंद्रशेखर आजाद को समर्पित है यह चंद्रशेखर आजाद पार्क। यह पार्क सिविल लाइंस में ही स्थित है, जो संगम स्थल के नजदीक ही है। यह वही पार्क है, जहां अंग्रेजों के साथ हुए संघर्ष में चंद्रशेखर आजाद शहीद हुए थे। आजादी के उस महान वीर को नमन करना तो बनता है!

इलाहाबाद म्यूजियम
मोती लाल नेहरू पार्क में स्थित है इलाहाबाद संग्राहलय और म्यूजियम। इस म्यूजियम में कौशांबी और इलाहाबाद से एकत्र की गई ऐतिहासिक वस्तुएं देखने को मिलेंगी। यहां आपक कौशांबी पाषाण कालीन मनके, कलात्मक वस्तुएं, सिक्के और हथियार भी देख सकते हैं।

मेयो मेमोरियल
मेयो मेमोरियल का निर्माण भारत पर अंग्रेजों के शासन काल के दौरान कराया गया। इसकी स्थापना साल 1879 में की गई। इसका निर्माण तत्कालीन वायसराय की पब्लिक मीटिंग्स के लिए और उन सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन के लिए किया गया था, जिनमें वायसराय शामिल होते थे।

पातालपुरी मंदिर
अशोक के किले में ही स्थित है पातालपुरी मंदिर। इस मंदिर में जाने के लिए सीढ़ियों से नीचे उतरना होता है। मंदिर में भगवान गणेश के साथ ही नरसिंहजी, शिवजी, शिवलिंग, गोरखनाथी की दिव्य प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। इस मंदिर का निर्माण 1906 में किया गया था। इसके साथ ही आप प्रयागराज में स्थित लेटे हुए हनुमानजी के दर्शन करना न भूलें। यह अपनी तरह का दुनिया का अकेला मंदिर है।

आनंद भवन
आनंद भवन वह जगह है, जो आजाद भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का घर है। यहीं पर देश की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का जन्म हुआ और उनका बचपन बीता। इस भवन में आज भी वह सब सामान रखा हुआ है , जिसका नेहरू जी और इंदिरा जी उपयोग किया करते थे। इस भवन में संग्राहलय के साथ ही नेहरू तारामंडल भी है।

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