Navratri
Navratri

दुर्गा पूजा पूरे देश में धूमधाम से मनाया जाता है, लेकिन देश के कुछ ऐसे शहर हैं, जहां इस त्योहार की अलग ही रौनक देखने को मिलती है। नवरात्रि और दुर्गा पूजा के दौरान इन शहरों में जगह-जगह धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इसके अलावा पंडालों को भी सजाया जाता है। यहां हम अहमदाबाद से लेकर मैसूर तक के देश के कई प्रमुख स्थानों की जानकारी दे रहे हैं, जहां जाकर आप नवरात्रि और दुर्गा पूजा को यादगार बना सकते हैं। वैसे तो नवरात्रि पूरे गुजरात में धूमधाम से मनाई जाती है, लेकिन अहमदाबाद में इस त्योहार के दौरान का नजारा अद्भुत होता है। यहां नवरात्रि काफी धूमधाम से मनाई जाती है। इस दौरान शहर में जगह-जगह दांडिया और गरबा कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है। सुबह से शाम तक श्रद्धालु व्रत रखते हैं और रात के समय गरबा करते हैं। यह एक तरह का म्यूजिकल और कल्चरल कार्यक्रम होता है। इसमें बड़ी संख्या में लोग हिस्सा लेते हैं।

कोलकाता, पश्चिम बंगाल
दुर्गा पूजा और नवरात्रि का त्योहार न केवल कोलकाता बल्कि पूरे पश्चिम बंगाल में ही धूमधाम से मनाया जाता है। कोलकाता के दुर्गा पंडाल पूरे भारत में फेमस है। नवरात्रि के दौरान इन पंडालों की अलग ही छटा देखने को मिलती है। इस दौरान बंगाली महिलाएं एक दूसरे के सिंदूर लगाती हैं और पूजा के अंतिम दिन दुर्गा प्रतिमा को पानी में बहा दिया जाता है।

वाराणसी, उत्तर प्रदेश
वाराणसी को भारत की अध्यात्मिक राजधानी कहा जाता है और नवरात्रि के दौरान यहां का माहौल एकदम अलग होता है। अगर आप नवरात्रि के दौरान वाराणसी जाएं तो जैतपुरा में स्थित भागेश्वरी देवी दुर्गा पूजा समिति जरूर जाएं। यहां माता दुर्गा का भव्य पंडाल तैयार किया जाता है जहां लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। इसके अलावा भी यहां अन्य जगहों पर पंडाल लगाए जाते हैं जहां शाम के समय विभिन्न तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

दिल्ली
दिल्ली में कई राज्यों के लोग रहते हैं और अगर आप बंगाली और गुजराती कल्चर को एक साथ देखना चाहते हैं तो दिल्ली सबसे बेस्ट ऑप्शन है यहां आपको बंगाली दुर्गा पंडाल भी मिलेंगे जिन्हे देखने आप दिल्ली के चितरंजन पार्क जा सकते हैं और गुजराती गरबा के लिए सरिता विहार या पश्चिम विहार जा सकते हैं।

मैसूर, कर्नाटक
मैसूर में दशहरे के मौके पर निकलने वाली झांकी को देखने के लिए दुनियाभर से सैलानी आते हैं। यह सेलिब्रेशन 9 दिनों तक चलता है और आखिरी दिन यानीं दसवें दिन विजयदशमी का त्योहार मनाया जाता है। इस दौरान मैसूर पैलेस के साथ ही पूरे शहर को दुल्हन की तरह सजाया जाता है। शहर के प्रमुख चामुंडेश्वरी मंदिर में भी फेस्टिवल जोर शोर से मनाया जाता है।

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