बच्‍चों को कार्टून और गेम्‍स के अलावा भारतीय वीरों का इतिहास बताना भी जरूरी होता है। ताकि वह देश के लिए बलिदान हुए वीरों और हमारी आजादी का महत्‍व समझ सकें। ऐसे में जब आप विंटर्स में वकेशन प्‍लान कर रहे हों तो जैसलमेर के ‘लोंगेवाला वॉर मेमोरियल’ को अपनी लिस्‍ट में शामिल कर सकते हैं। यह आपके लिए और बच्‍चों के लिए बेस्‍ट ट्रिप साबित हो सकती है।

1971 की लड़ाई का इतिहास कहता लोंगेवाला वॉर मेमोरियल

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भारतीय वीर सैनिकों को समर्पित लोंगेवाला वॉर मेमोरियल 4 दिसंबर 1971 की लड़ाई की कहानी कहता है। यह युद्ध पाकिस्‍तानी सेना और भारतीय रक्षकों के बीच हुआ था। इसमें 120 भारतीय सैनिकों के सामने और 2 से 3 हजार पाकिस्‍तानी सैनिक, 40-45 टैंक और 4 हंटर लड़ाकू विमान थे। लेकिन मेजर कुलदीप सिंह चंदपुरी के नेतृत्‍व में भारतीय सेना ने पाकिस्‍तानी सैनिकों को बड़ी बहादुरी से सामना किया। इस जगह पर आपको उन वीरों के विषय में जानकारी का संपूर्ण खजाना देखने और सुनने को मिलेगा। जो कि बच्‍चों के लिए भारतीय वीरों की गाथा को समझने का एक बेहतरीन मौका हो सकता है।

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लोंगेवाला वॉर मेमोरियल जाने का सही समय

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यूं तो आप कभी भी यहां पर विजिट के लिए जा सकते हैं। लेकिन अक्‍टूबर से मार्च के बीच का समय यहां जाने के लिए काफी बेहतर होता है। यहां की सुबह और शाम काफी शानदार होती है। इसके खुलने का समय सुबह 8 बजे से शाम 6 बजे तक है।

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